
प्रॉपर्टी के 3 हिस्सों में से एक हिस्सा बिकने पर क्या बटाकें खारिज की जा सकती हैं? पूरी कानूनी जानकारी
प्रॉपर्टी के 3 हिस्सों में से एक हिस्सा बिकने पर क्या बटाकें खारिज की जा सकती हैं? पूरी कानूनी जानकारी
भारत में जमीन और प्रॉपर्टी से जुड़े
मामलों में बटाकें (बंटवारा / हिस्सेदारी / म्यूटेशन) एक बहुत ही आम लेकिन
उलझा हुआ विषय है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अगर किसी संयुक्त
प्रॉपर्टी के 3 हिस्सों में से एक
हिस्सा बिक जाए, तो क्या पूरी बटाकें खारिज की जा सकती हैं?
इस लेख में हम इस प्रश्न का कानूनी, व्यावहारिक और रिकॉर्ड के हिसाब से विस्तार से
उत्तर देंगे।
बटाकें
क्या होती हैं? (What is Bataken / Partition)
“बटाकें” शब्द आम
बोलचाल में प्रयोग होता है, जिसका कानूनी अर्थ होता है:
- प्रॉपर्टी का बंटवारा (Partition)
- या राजस्व रिकॉर्ड में नाम
चढ़ाना (Mutation)
जब किसी जमीन या मकान के कई मालिक
होते हैं और सभी का हिस्सा तय होता है,
तो उसे बटाकें या बंटवारा कहा जाता है।
उदाहरण:
- 3 भाई
- प्रॉपर्टी के 3 बराबर हिस्से
- हर भाई का 1/3 हिस्सा
स्थिति:
जब प्रॉपर्टी के 3 हिस्सों में से एक
हिस्सा बिक जाए
मान लीजिए:
- प्रॉपर्टी के 3 सह-मालिक हैं
- एक मालिक ने अपना हिस्सा बेच
दिया
अब सवाल उठता है:
👉 क्या इससे पूरी बटाकें खारिज हो जाती हैं?
सीधा
और स्पष्ट जवाब
❌ नहीं, सिर्फ एक
हिस्से के बिकने से पूरी बटाकें खारिज नहीं होतीं।
क्यों
पूरी बटाकें खारिज नहीं होतीं?
1️⃣ हर सह-मालिक अपने हिस्से का
मालिक होता है
कानून के अनुसार:
- हर सह-मालिक को अपने हिस्से पर पूरा
अधिकार होता है
- वह अपना हिस्सा बेच सकता है, दान कर सकता है या गिरवी रख सकता है
इसलिए:
- एक हिस्सेदार के बेचने से
- बाकी दो हिस्सेदारों के अधिकार प्रभावित
नहीं होते
2️⃣ बिक्री सिर्फ उसी हिस्से तक
सीमित रहती है
जो हिस्सा बेचा गया:
- वही हिस्सा खरीदार के नाम
दर्ज होगा
- बाकी दो हिस्से जैसे थे वैसे
ही रहेंगे
👉 यानी:
- आंशिक म्यूटेशन होगा
- पूरी बटाकें रद्द नहीं होंगी
राजस्व
रिकॉर्ड (खसरा, खतौनी) में क्या
बदलाव होगा?
जब एक हिस्सा बिकता है, तब:
- विक्रेता का नाम उस हिस्से से
हटेगा
- खरीदार का नाम उसी हिस्से में
जुड़ेगा
- बाकी दो हिस्सेदारों का रिकॉर्ड बिना
बदलाव रहेगा
इस प्रक्रिया को कहते हैं:
✅ आंशिक म्यूटेशन (Partial Mutation)
क्या
बाकी हिस्सेदार बिक्री को रोक सकते हैं?
सामान्य
स्थिति में – ❌ नहीं
अगर:
- बिक्री कानूनी है
- हिस्सा बेचने वाला वास्तव में
मालिक है
तो:
- बाकी हिस्सेदार बिक्री नहीं रोक
सकते
लेकिन
कुछ विशेष मामलों में – ✅ हाँ
बाकी हिस्सेदार आपत्ति कर सकते हैं
अगर:
- फर्जी दस्तावेज़ से बिक्री हुई
हो
- विक्रेता के पास पूरा अधिकार न
हो
- कोर्ट में पहले से विवाद लंबित
हो
पूरी
बटाकें कब खारिज की जा सकती हैं?
पूरी बटाकें सिर्फ इन स्थितियों
में खारिज हो सकती हैं:
1️⃣ बंटवारा गलत तरीके से हुआ हो
- बिना नोटिस दिए
- बिना सहमति
- नियमों के विरुद्ध
2️⃣ धोखाधड़ी (Fraud) साबित हो जाए
- फर्जी वसीयत
- जाली कागज़
- गलत जानकारी देकर नाम चढ़वाया
गया हो
3️⃣ कोर्ट
का आदेश हो
- सिविल कोर्ट
- राजस्व न्यायालय
👉 कोर्ट के आदेश के बिना पूरी बटाकें खारिज
नहीं की जा सकतीं
खरीदार
के अधिकार क्या होते हैं?
जब कोई व्यक्ति:
- संयुक्त प्रॉपर्टी का हिस्सा
खरीदता है
तो उसे मिलता है:
- वही अधिकार जो पहले मालिक के पास
थे
- लेकिन वह अकेले पूरी
प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा नहीं कर सकता
खरीदार:
- बंटवारे के लिए कोर्ट जा सकता है
- या सह-मालिकों से समझौता कर सकता
है
क्या
नए सिरे से बंटवारा जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन:
- भविष्य में विवाद से बचने के लिए
- नया बंटवारा (Partition Deed)
कराना बेहतर होता है
इससे:
- हर हिस्से की सीमा स्पष्ट होती
है
- कोर्ट केस की संभावना कम होती है
आम
गलतफहमियाँ (Common Myths)
❌ एक हिस्से के बिकने से पूरी जमीन बिक जाती है
❌ बटाकें अपने-आप कैंसिल हो जाती हैं
❌ खरीदार पूरा कब्ज़ा ले सकता है
✅ ये तीनों बातें गलत हैं
निष्कर्ष
(Conclusion)
अगर किसी प्रॉपर्टी के 3 हिस्सों में से एक हिस्सा बिक जाता है, तो:
✔️ सिर्फ उसी हिस्से का रिकॉर्ड बदलेगा
✔️ बाकी हिस्सों की बटाकें सुरक्षित रहेंगी
❌ पूरी बटाकें अपने-आप खारिज नहीं होंगी
पूरी बटाकें केवल:
- धोखाधड़ी
- गलत प्रक्रिया
- या कोर्ट आदेश से ही रद्द हो
सकती हैं
उदाहरण
से समझिए (Practical Example)
मान लीजिए:
- एक जमीन है 3 बीघा
- 3 सह-मालिक हैं: A, B और C
- हर एक का 1 बीघा हिस्सा है
अब:
- A ने अपना 1 बीघा
हिस्सा D को बेच दिया
अब
रिकॉर्ड में क्या होगा?
- A का नाम हटेगा
- D का नाम 1 बीघा
हिस्से में जुड़ेगा
- B और C का रिकॉर्ड बिल्कुल
सुरक्षित रहेगा
👉 पूरी जमीन की बटाकें रद्द नहीं होंगी,
सिर्फ आंशिक बदलाव होगा।
क्या
बिना बंटवारे के हिस्सा बेचा जा सकता है?
✅ हाँ, कानून इसकी
अनुमति देता है।
लेकिन ध्यान रखें:
- खरीदार को निर्धारित हिस्सा
नहीं, बल्कि अविभाजित
हिस्सा मिलता है
- खरीदार अकेले जमीन पर कब्ज़ा
नहीं कर सकता
इसलिए ज़्यादातर विवाद यहीं से शुरू
होते हैं।
सह-मालिकों
के लिए सावधानियाँ (Important
Precautions)
अगर आप बाकी 2 हिस्सेदार हैं, तो ये
बातें ज़रूर ध्यान रखें:
1.
🔍 रजिस्ट्री की कॉपी निकलवाएँ
2. 📄 देखें कि सिर्फ उसी हिस्से की बिक्री हुई है या
नहीं
3. ⚖️ अगर शक हो तो राजस्व अधिकारी के यहाँ आपत्ति
दर्ज करें
4. 🧾 भविष्य के लिए लिखित बंटवारा करवा
लें
क्या
मौखिक (Oral) बंटवारा मान्य
होता है?
भारत में:
- मौखिक बंटवारा कुछ हद तक
मान्य हो सकता है
- लेकिन रिकॉर्ड में दर्ज नहीं
होने पर विवाद खड़ा हो जाता है
👉 इसलिए:
- हमेशा लिखित और रजिस्टर्ड Partition Deed
कराएँ
कोर्ट
में केस कब बनता है?
इन स्थितियों में मामला कोर्ट तक जा
सकता है:
- खरीदार जबरदस्ती कब्ज़ा करने लगे
- हिस्से से ज़्यादा जमीन पर दावा
करे
- बंटवारे से इनकार हो
- धोखाधड़ी के सबूत हों
ऐसे मामलों में:
- सिविल कोर्ट
- या राजस्व न्यायालय
में केस दाखिल किया जाता है।
क्या
प्री-एम्पशन (पहले खरीदने का अधिकार) लागू होता है?
कुछ राज्यों में:
- सह-मालिक को यह अधिकार होता है
कि
- अगर कोई हिस्सा बिक रहा है, तो वह पहले खुद खरीद सके
⚠️ लेकिन:
- यह नियम हर राज्य में लागू नहीं
- और इसके लिए समय सीमा भी होती है
राज्य
के अनुसार नियम अलग हो सकते हैं
⚖️ ध्यान दें:
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
इन राज्यों में:
- राजस्व नियमों में थोड़ा फर्क
हो सकता है
👉 इसलिए अंतिम निर्णय से पहले:
- स्थानीय वकील या लेखपाल से सलाह
ज़रूर लें
आमतौर
पर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1.
क्या एक हिस्सेदार पूरी जमीन बेच सकता है?
❌ नहीं, सिर्फ अपना हिस्सा।
Q2.
क्या बटाकें अपने-आप कैंसिल हो जाती हैं?
❌ नहीं, बिना कोर्ट आदेश के
नहीं।
Q3.
क्या खरीदार पूरा कब्ज़ा ले सकता है?
❌ नहीं, जब तक बंटवारा न
हो।
Q4.
क्या ऑनलाइन म्यूटेशन हो सकता है?
✅ हाँ, कई राज्यों में संभव
है।
Legal
Disclaimer (ज़रूरी जोड़ें)
डिस्क्लेमर:
यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी कानूनी
निर्णय से पहले अपने क्षेत्र के योग्य वकील या राजस्व अधिकारी से सलाह अवश्य लें।
निष्कर्ष
(Final Conclusion – Strong)
अगर प्रॉपर्टी के 3 हिस्सों में से एक हिस्सा बिक जाता है, तो:
✔️ सिर्फ उसी हिस्से का म्यूटेशन होगा
✔️ बाकी हिस्सों की बटाकें सुरक्षित रहेंगी
❌ पूरी बटाकें खारिज नहीं होंगी
👉 पूरी बटाकें सिर्फ:
- धोखाधड़ी
- गलत प्रक्रिया
- या कोर्ट आदेश
से ही रद्द की जा सकती हैं।
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