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हम हिंदी बोलते हैं, फिर भी अंग्रेज़ी कठिन क्यों लगती है?

 

हम हिंदी बोलते हैं, फिर भी अंग्रेज़ी कठिन क्यों लगती है?
इसका कारण भाषा से ज़्यादा हमारी आदत, सोच और माहौल है।


1️   आदत का अंतर

हम बचपन से हिंदी सुनते, बोलते और समझते आए हैं।
हमारा दिमाग हिंदी के नियमों का आदी हो चुका है।

जब अंग्रेज़ी सीखते हैं तो उसके नियम अलग होते हैं, इसलिए दिमाग को नई आदत डालनी पड़ती है। नई आदत शुरू में कठिन लगती है।


2️   वाक्य बनाने का तरीका अलग है

हिंदी में हम कहते हैं:
👉 मैं स्कूल जाता हूँ।
(कर्ता + कर्म + क्रिया)

अंग्रेज़ी में कहते हैं:
👉 I go to school.
(कर्ता + क्रिया + कर्म)

शब्दों की जगह बदल जाती है, इसलिए भ्रम होता है।


3️   उच्चारण और स्पेलिंग का अंतर

हिंदी में जैसा लिखा जाता है, वैसा ही बोला जाता है।
लेकिन अंग्रेज़ी में कई शब्दों का उच्चारण अलग होता है।

जैसे:

  • Knife (k नहीं बोला जाता)
  • Honest (h नहीं बोला जाता)

यह अंतर हमें कठिन लगता है।


4️   व्याकरण (Grammar) का दबाव

अंग्रेज़ी में Tense, Article (a, an, the), Preposition आदि के नियम अधिक हैं।
हम शुरुआत में ही सारे नियम याद करने की कोशिश करते हैं, इसलिए भाषा भारी लगने लगती है।


5️   डर और आत्मविश्वास की कमी

सच यह है कि अंग्रेज़ी कठिन कम और डर ज़्यादा है।
हमें लगता है कि लोग हँसेंगे या गलती पकड़ेंगे।
यह डर भाषा को और कठिन बना देता है।


🌟 निष्कर्ष

अंग्रेज़ी कोई कठिन भाषा नहीं है।
वह केवल हमारे लिए नई है।

जिस प्रकार हमने हिंदी सीखी, उसी प्रकार अभ्यास से अंग्रेज़ी भी सीखी जा सकती है।

भाषा सीखने का नियम बहुत सरल है —
👉 सुनो + बोलो + पढ़ो + लिखो = सफलता

 

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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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