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मिठाई पर चांदी या सोने की परत क्यों लगाई जाती है?

 

मिठाई पर चांदी या सोने की परत क्यों लगाई जाती है?

मिठाई पर चांदी या सोने की परत क्यों लगाई जाती है? जानिए इतिहास, विज्ञान और सेहत से जुड़े सच

मिठाई पर लगने वाली चांदी और सोने की वर्क (परत) क्यों लगाई जाती है? क्या यह सुरक्षित है या हानिकारक? जानिए इसका इतिहास, वैज्ञानिक कारण, धार्मिक महत्व और सेहत से जुड़े फायदे व सावधानियां।


      मिठाई पर चांदी या सोने की परत क्यों लगाई जाती है?


परिचय

जब भी हम किसी शादी, त्योहार या खास मौके पर मिठाई खरीदते हैं, तो आपने देखा होगा कि कई मिठाइयों के ऊपर एक चमकदार चांदी या सोने की पतली परत लगी होती है। यह परत मिठाई को बेहद आकर्षक और खास बना देती है। काजू कतली, पेड़ा, बर्फी, लड्डू, सोनपापड़ी या स्पेशल स्वीट्स पर अक्सर यह चमकदार वर्क दिखाई देता है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है —
👉 यह चांदी या सोना क्यों लगाया जाता है?
👉 क्या इसे खाना सुरक्षित है?
👉 इसका कोई वैज्ञानिक या आयुर्वेदिक कारण है या सिर्फ सजावट?

आज हम इस लेख में इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से जानेंगे।


चांदी या सोने की परत क्या होती है?

मिठाइयों पर जो पतली चमकदार परत लगाई जाती है, उसे वर्क (Vark) या फॉयल (Foil) कहा जाता है।

यह दो प्रकार की होती है:

1. चांदी की वर्क (Silver Vark)

सबसे ज्यादा इस्तेमाल होती है।

2. सोने की वर्क (Gold Vark)

बहुत महंगी और खास मिठाइयों में उपयोग होती है।

इनकी मोटाई इतनी पतली होती है कि यह कागज से भी हजारों गुना पतली होती है।


इतिहास: वर्क लगाने की परंपरा कब शुरू हुई?

भारत में मिठाइयों पर चांदी या सोना लगाने की परंपरा बहुत पुरानी है।

मुगल काल से शुरुआत

इतिहासकारों के अनुसार:

  • मुगल काल में राजाओं और नवाबों के लिए विशेष मिठाइयाँ बनाई जाती थीं
  • उनमें सोना-चांदी की वर्क लगाई जाती थी
  • यह शाही वैभव और समृद्धि का प्रतीक माना जाता था

धीरे-धीरे यह परंपरा आम लोगों तक भी पहुँच गई।


मिठाई पर चांदी या सोना लगाने के मुख्य कारण

अब जानते हैं असली वजहें।


1. आकर्षण और सुंदरता बढ़ाने के लिए

सबसे पहला और बड़ा कारण है सजावट

चमकदार वर्क मिठाई को:

  • ज्यादा सुंदर बनाती है
  • प्रीमियम लुक देती है
  • ग्राहक को आकर्षित करती है

मान लीजिए:
साधारण काजू कतली और वर्क वाली काजू कतली – लोग किसे पहले चुनेंगे?

जवाब साफ है: चमकदार वाली!


2. शाहीपन और सम्मान का प्रतीक

भारत में:

  • सोना = समृद्धि
  • चांदी = पवित्रता

त्योहारों, शादी-ब्याह और पूजा में वर्क वाली मिठाई देने का मतलब होता है:
👉आप हमारे लिए खास हैं”

इसलिए:

  • शादी की मिठाइयाँ
  • गिफ्ट बॉक्स
  • त्योहार की स्पेशल मिठाइयाँ

इनमें वर्क का उपयोग ज्यादा होता है।


3. आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य लाभ

यह सुनकर आपको आश्चर्य होगा कि चांदी और सोने का उपयोग आयुर्वेद में भी किया जाता है।

चांदी के फायदे (आयुर्वेद अनुसार)

  • शरीर को ठंडक देती है
  • पाचन सुधारती है
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है
  • दिमाग शांत रखती है
  • एंटी-बैक्टीरियल गुण

सोने के फायदे

  • ताकत बढ़ाता है
  • ऊर्जा देता है
  • इम्यूनिटी मजबूत करता है
  • हृदय के लिए अच्छा

हालांकि मिठाई पर लगी मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए बड़े फायदे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह नुकसान भी नहीं करती।


4. पवित्रता और धार्मिक महत्व

भारत में चांदी को पवित्र धातु माना जाता है।

इसलिए:

  • प्रसाद
  • पूजा
  • भोग

में चांदी वाली मिठाई चढ़ाई जाती है।

यह शुभता और शुद्धता का प्रतीक है।


5. एंटी-बैक्टीरियल गुण

वैज्ञानिक रूप से:
चांदी में एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं।

मतलब:

  • बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती है
  • खाने को थोड़ी देर तक सुरक्षित रखती है

इसलिए पुराने समय में लोग खाने को सुरक्षित रखने के लिए भी इसका उपयोग करते थे।


क्या चांदी की वर्क खाना सुरक्षित है?

सबसे बड़ा सवाल यही है।

हाँ, अगर:

शुद्ध चांदी हो
FSSAI प्रमाणित हो
असली वर्क हो

तो यह सुरक्षित है।


लेकिन खतरा कब है?

आजकल बाजार में नकली वर्क भी मिलती है।

कुछ दुकानदार:
एल्युमिनियम फॉयल
मिलावटी धातु

का इस्तेमाल करते हैं।

जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।


असली और नकली वर्क पहचानने का तरीका

असली वर्क:

हाथ लगाते ही चिपक जाती है
बहुत हल्की और पतली
स्वाद नहीं आता

नकली वर्क:

मोटी और कठोर
चमक ज्यादा अजीब लगती है
आसानी से नहीं टूटती


वर्क कैसे बनाई जाती है?

पारंपरिक तरीके में:

1.   चांदी या सोने को छोटे टुकड़ों में काटा जाता है

2. चमड़े या विशेष कागज के बीच रखा जाता है

3. घंटों हथौड़े से पीटा जाता है

4. बहुत पतली शीट बन जाती है

आजकल मशीनों से भी बनाई जाती है।


क्या शाकाहारी लोग इसे खा सकते हैं?

पहले वर्क बनाने में पशु चमड़े का उपयोग होता था।

लेकिन अब:
👉 मशीन से बनने वाली Veg Silver Vark उपलब्ध है।

इसलिए शाकाहारी लोग भी आराम से खा सकते हैं।


क्या रोज खाना ठीक है?

वर्क बहुत कम मात्रा में होती है।

कभी-कभी खाना सुरक्षित है
रोज ज्यादा मात्रा में खाना सही नहीं

क्योंकि:

  • धातु है
  • शरीर इसे पूरी तरह पचा नहीं पाता

इसलिए संतुलन जरूरी है।


कौन-कौन सी मिठाइयों पर वर्क लगती है?

  • काजू कतली
  • बर्फी
  • पेड़ा
  • लड्डू
  • सोनपापड़ी
  • चॉकलेट मिठाई
  • गिफ्ट पैक स्वीट्स

आधुनिक समय में वर्क का ट्रेंड

आजकल:

  • गोल्ड डेजर्ट
  • गोल्ड आइसक्रीम
  • गोल्ड कॉफी
  • 24K गोल्ड केक

भी बनने लगे हैं।

ये ज्यादा स्टेटस सिंबल बन गए हैं।


निष्कर्ष

मिठाइयों पर चांदी या सोने की परत सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि इसका:

ऐतिहासिक महत्व
सांस्कृतिक महत्व
धार्मिक महत्व
आयुर्वेदिक लाभ

भी है।

लेकिन ध्यान रखें:
👉 हमेशा असली और प्रमाणित मिठाई ही खरीदें।

तभी आप सुरक्षित और स्वादिष्ट मिठाई का आनंद ले पाएंगे।


FAQs

1. क्या चांदी की वर्क हानिकारक है?

नहीं, अगर शुद्ध हो तो सुरक्षित है।

2. क्या बच्चे खा सकते हैं?

हाँ, लेकिन सीमित मात्रा में।

3. क्या यह शाकाहारी है?

अब Veg वर्क उपलब्ध है, इसलिए हाँ।

4. क्या इसका कोई स्वाद होता है?

नहीं, यह स्वादहीन होती है।

 

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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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